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समस्तीपुर में फर्जी आधार केंद्र का भंडाफोड़: साइबर थाना की बड़ी कार्रवाई, आरोपी गिरफ्तार

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समस्तीपुर के ताजपुर थाना क्षेत्र में साइबर थाना पुलिस ने फर्जी आधार केंद्र का भंडाफोड़ किया। आरोपी गिरफ्तार, लैपटॉप, स्कैनर और कई उपकरण बरामद किए गए।

समस्तीपुर/आलम की खबर: बिहार के समस्तीपुर जिले के ताजपुर थाना क्षेत्र अंतर्गत साइबर थाना पुलिस ने एक बड़ी कार्रवाई करते हुए फर्जी तरीके से चल रहे आधार केंद्र का भंडाफोड़ किया है। यह कार्रवाई 13 जून 2026 को कोल्ड स्टोरेज चौक के पास की गई, जहां लंबे समय से अवैध आधार सेवाएं संचालित किए जाने की सूचना मिल रही थी।

सूचना प्राप्त होने के बाद पुलिस अधीक्षक समस्तीपुर के मार्गदर्शन और पुलिस उपाधीक्षक साइबर क्राइम के नेतृत्व में एक विशेष टीम गठित की गई। टीम ने मौके पर पहुंचकर आधार सुविधा केंद्र का निरीक्षण किया और संदिग्ध गतिविधियों की जांच शुरू की।

मौके पर पुलिस को एक व्यक्ति लैपटॉप के माध्यम से काम करता हुआ मिला। पूछताछ करने पर उसने अपना नाम मो० अफजल उर्फ राजा, पिता मो० सोयब, निवासी मोरवा, थाना मुसरीघरारी, जिला समस्तीपुर बताया।

पुलिस ने जब उससे आधार कार्ड बनाने और अपडेट करने से संबंधित वैध दस्तावेजों के बारे में पूछताछ की तो वह कोई संतोषजनक जवाब नहीं दे सका। उसकी गतिविधियों और उपकरणों को देखकर पुलिस को संदेह और गहरा हो गया।

जांच के दौरान उसके मोबाइल फोन में Mknlife.shop नामक एक संदिग्ध लिंक पाया गया। पूछताछ में आरोपी ने स्वीकार किया कि इसी वेबसाइट के माध्यम से वह आधार कार्ड अपडेट और नए आधार बनाने का काम कर रहा था, जो पूरी तरह से अवैध और फर्जी प्रक्रिया थी।

इसके बाद पुलिस ने तत्काल कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर लिया और मौके से सभी उपकरण जब्त कर लिए। बरामद किए गए सामान में कई महत्वपूर्ण डिजिटल डिवाइस शामिल हैं, जिनका उपयोग फर्जी आधार प्रक्रिया में किया जा रहा था।

बरामदगी में शामिल सामान में एक Cogent डिवाइस, एक Iris scanner, दो लैपटॉप, एक Optical fingerprint scanner, दो मोबाइल फोन और लगभग 12 आधार कार्ड शामिल हैं। पुलिस का मानना है कि यह नेटवर्क कई लोगों की पहचान से जुड़ी संवेदनशील जानकारी के साथ छेड़छाड़ कर सकता था।

इस पूरे मामले में साइबर थाना द्वारा प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है और आगे की जांच शुरू कर दी गई है। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि आरोपी किसी बड़े साइबर गिरोह से जुड़ा हुआ है या अकेले ही इस अवैध गतिविधि को अंजाम दे रहा था।

अधिकारियों के अनुसार, इस तरह की गतिविधियां न केवल साइबर अपराध की श्रेणी में आती हैं बल्कि आम नागरिकों की पहचान सुरक्षा के लिए भी गंभीर खतरा पैदा करती हैं। इसलिए इस मामले की गहराई से जांच की जा रही है।

समस्तीपुर में फर्जी आधार केंद्र का यह खुलासा साइबर अपराध के बढ़ते खतरे की ओर गंभीर संकेत देता है। आज डिजिटल सेवाओं के विस्तार के साथ-साथ फर्जीवाड़े के नए-नए तरीके भी सामने आ रहे हैं।

आधार कार्ड जैसी संवेदनशील पहचान प्रणाली में इस तरह की अवैध गतिविधियां न केवल सरकारी व्यवस्था को चुनौती देती हैं बल्कि आम लोगों की व्यक्तिगत सुरक्षा को भी खतरे में डालती हैं।

पुलिस की त्वरित कार्रवाई इस बात का उदाहरण है कि यदि समय पर सूचना मिले तो साइबर अपराधों को रोका जा सकता है। लेकिन इसके साथ ही ऐसे मामलों में तकनीकी निगरानी और सख्त नियंत्रण की भी जरूरत है।

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